रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों का आंदोलन जारी, 17 मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों के प्रदेशव्यापी आंदोलन का असर रायगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट, पीजी रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और MBBS डॉक्टरों ने गुरुवार से आंदोलन शुरू किया। डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करते हुए अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

शुक्रवार को भी आंदोलन जारी रहा। तेज बारिश के बावजूद 200 से अधिक जूनियर डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में जुटे और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

बारिश के बीच कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च

प्रदर्शन के बाद डॉक्टर नारेबाजी करते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे। यहां से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में डॉक्टरों ने 17 सूत्रीय मांगों का जल्द निराकरण करने की मांग की। उनका कहना है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सिर्फ इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी से नाराजगी

JDA रायगढ़ के अध्यक्ष डॉ. विकास के मुताबिक, डॉक्टरों ने करीब एक महीने पहले ही शासन के सामने 17 सूत्रीय मांगें रखी थीं। उनका कहना है कि सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है, लेकिन बाकी मांगों पर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है।

डॉक्टरों का कहना है कि सभी मांगों पर एक साथ निर्णय नहीं होने के कारण उनमें नाराजगी बढ़ रही है। इसी के चलते ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया है।

28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी

JDA अध्यक्ष डॉ. विकास ने कहा कि यदि सरकार जल्द मांगों का निराकरण नहीं करती है तो 28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार का फैसला लिया जा सकता है।

डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

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